||Delhi||Nancy Kaushik||हरियाणा सरकार के लिए सरपंच एक बार फिर टेंशन बढ़ाने जा रहे हैं। भिवानी में एकजुट हुए सरपंचों ने आरोप लगाया कि सरकार ग्राम पंचायतों के हक़ छीन रही है। साथ ही चेतावनी दी कि 30 मई को जींद में रैली कर आगे के आंदोलन का बड़ा फैसला लिया जाएगा।
हरियाणा में जब से छोटी सरकार यानी सरपंचों का चुनाव हुआ है, तब से ई टेंडरिंग को लेकर सरकार व सरपंचों में एलान-ए-जंग जारी है। सरपंच ई टेंडरिंग को खत्म करने को लेकर कभी धरने तो कभी प्रदर्शन करते हैं, तो कभी पंचकूला में उन पर लाठीचार्ज होता है। बीते एक महीने से सरपंचों का ये आंदोलन थम सा गया था। पर अब फिर से ये सरपंच सरकार की टेंशन बढ़ाने लगे हैं।
भिवानी में एकजुट हुए सरपंचों ने अपनी मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चौधरी सुरेंद्र सिंह पार्क के बाहर नारेबाजी करते हुए ये सरपंच सरकार से ख़ासे खफा नज़र आए।
सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे सरपंचों ने कहा कि हमने आंदोलन खत्म नहीं किया, बल्कि खेतों में काम होने के चलते कुछ दिन रोका था। अब 30 मई को जींद में रैली कर बड़ा फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने ई टेंडरिंग को खत्म नहीं किया तो आने वाले लोकसभा व विधानसभा चुनाव में दिखा देंगे की सरपंचों की ताकत क्या है। उन्होंने कहा कि सीएम के सामने आ टेंडरिंग का समर्थन करने वाले सरपंच भाजपा के हैं। साथ ही सीएम द्वारा ई टेंडरिंग से काम कम पैसे में अच्छे होने पर कहा कि आ टेंडरिंग से कोई काम ठीक नहीं होता। उन्होंने कहा कि काम में गड़बड़ी होने पर लोग सीएम को नहीं, सरपंच को टोकते हैं।
शुरू से सरकार के खिलाफ खड़ी हरियाणा की छोटी सरकार एक बार फिर अपने आंदोलन को पहले जैसे जोश के साथ तेज करने पर आमादा है। ऐसे में देखना होगा कि जीन्द की क्रांतिकारी धारा से ये सरपंच अपने आंदोलन को कितनी धार दे पाते हैं।